सिंगरौली नगर निगम के अंतर्गत निगम सफाई कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था हुई बे पटरी।


सिंगरौली में सफाई व्यवस्था चरमराई, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए निगम कर्मचारी।
- सिंगरौली नगर निगम के अंतर्गत निगम सफाई कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था हुई बे पटरी।
सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल में मोरबा जोन, जयंत, नवजीवन विहार, वैढ़न सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सफाई कर्मियों ने भी भाग लिया है। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और कई वार्डों में कचरे का ढेर लगना शुरू हो गया है।
हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और मांगों पर नगर निगम प्रशासन एवं महापौर रानी अग्रवाल द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने वेतन, नियमितीकरण, सुरक्षा उपकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने तथा अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर नाराजगी जताई है।
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 174 दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों का विनियमितीकरण तथा 70 विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में इस प्रकार के मामलों का निराकरण किया जा चुका है, लेकिन सिंगरौली में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गौरतलब है कि लगभग 10 दिन पूर्व सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के गेट पर आयुक्त और महापौर के नाम ज्ञापन सौंपा था। कर्मचारियों का आरोप है कि ज्ञापन देने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था के कारण शहरवासियों को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। यदि हड़ताल लंबी चली तो संक्रामक और गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इधर नगर निगम प्रशासन हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास में जुटा हुआ है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।








